
धनबाद:पर्यावरण विज्ञान एवं अभियांत्रिकी (ESE) विभाग के अंतर्गत EIACP कार्यक्रम केंद्र, IIT (ISM) धनबाद ने ग्रीन स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम (GSDP) के तहत ‘नेचर कंजर्वेशन कम इकोटूरिज्म गाइड’ प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम की शुरुआत की। यह तीन माह का पाठ्यक्रम 5 जनवरी से 6 मार्च 2026 तक चलेगा और इसे Ministry of Environment, Forest & Climate Change (MoEF&CC), भारत सरकार का सहयोग प्राप्त है।
उद्घाटन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि Vikas Paliwal, जिला वन पदाधिकारी, धनबाद (झारखंड) रहे। इस अवसर पर IIT (ISM) धनबाद के डीन (छात्र कल्याण) प्रो. सुनील कुमार गुप्ता, प्रो. मनीष कुमार जैन (ईएसई विभाग), प्रो. विपिन कुमार (एसोसिएट डीन–फैकल्टी) तथा प्रो. सुरेश पांडियन (एसोसिएट प्रोफेसर, ईएसई विभाग, EIACP सह-समन्वयक एवं पाठ्यक्रम सह-संयोजक) उपस्थित थे।
कार्यक्रम में संकाय सदस्यों, शोधार्थियों, छात्रों के साथ-साथ बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल से आए 30 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
स्वागत भाषण में प्रो. सुरेश पांडियन ने बताया कि इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य पारिस्थितिकी तंत्र और जैव विविधता संरक्षण से जुड़ी तकनीकी समझ विकसित करना है, साथ ही जिम्मेदार इकोटूरिज्म के जरिए पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
डीन (छात्र कल्याण) प्रो. सुनील कुमार गुप्ता ने प्रतिभागियों से कक्षा शिक्षण के साथ-साथ फील्ड आधारित गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया, ताकि वे जिम्मेदार प्रकृति संरक्षक और सतत पर्यटन के दूत बन सकें।
मुख्य अतिथि विकास पलिवाल ने अपने संबोधन में कहा कि प्रशिक्षित नेचर कंजर्वेटर और इकोटूरिज्म गाइड वन पारिस्थितिकी की सुरक्षा में समुदाय की भागीदारी और जिम्मेदार पर्यटन के माध्यम से महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। प्रो. विपिन कुमार ने भी हरित कौशल और सतत विकास के महत्व पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसे प्रो. मनीष कुमार जैन ने प्रस्तुत किया। उन्होंने कार्यक्रम के लिए MoEF&CC, भारत सरकार के सहयोग के प्रति आभार जताया, IIT (ISM) धनबाद के संस्थागत समर्थन को सराहा और संस्थान के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा के मार्गदर्शन के लिए विशेष धन्यवाद दिया।
यह तीन माह का प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम प्रकृति संरक्षण और सतत इकोटूरिज्म के क्षेत्र में दक्ष ग्रीन-स्किल्ड युवाओं का एक समूह तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जो राष्ट्रीय पर्यावरण एवं हरित कौशल पहलों के प्रति IIT (ISM) धनबाद की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।








